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Monday, 8 January 2018

‘भावांतर भुगतान योजना‘ में रामनिवास के खाते में जमा हुए 2.08 लाख रू.

सफलता की कहानी
‘भावांतर भुगतान योजना‘ में रामनिवास के खाते में जमा हुए 2.08 लाख रू.
सुरेष,मधुप्रसाद,सज्जन सिंह व संजय को भी 1-1 लाख रू. से अधिक का हुआ लाभ 

खण्डवा 8 जनवरी, 2018 - प्रदेष सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने तथा किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के उद्देष्य से मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना लागू की है। यह योजना किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुई है। खण्डवा जिले में भावांतर योजना के तहत श्री रामनिवास राजपूत हरसूद के खाते में 2,08,375 रूपये जमा हुए है। खण्डवा जिले में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना से केवल एक रामनिवास ही नहीं उसके जैसे अन्य किसान सज्जन सिंह के खाते में 1,02,746, संजय तोमर के खाते में 1,11,840, मधुप्रसाद उदासी के खाते में 1,03,568 और सुरेष पटेल के खाते में 1,10,442 रूपये जमा किए गए है। इसी तरह पुरूषोत्तम पिता गया प्रसाद हरसूद के खाते में 97,533, तोताराम पटेल के खाते में 97,807, संतोष सोनी के खाते में 97,207, गौरीषंकर जोखीलाल के खाते में 97,627, रामभरोसे पिता रामचंद के खाते में 87,435, सरदार भूपेन्द्र सिंह के खाते में 85,564, जगदीष मिश्रीलाल के खाते में 86,336 रूपये जमा कराए जा चुके है।
ग्राम चारखेड़ा निवासी रामनिवास राजपूत ने बताया कि उसने अपने खेत में सोयाबीन और उड़द की फसल बोई थी, फसल अच्छी हुई। उसके खेतों में 83.15 क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन हुआ। रामनिवास ने बताया कि कृषि उपज मण्डी खण्डवा में फसल बेचने के लिए उसने सोयाबीन का भाव पूछा तो ज्ञात हुआ कि 2325 रूपये प्रति क्विंटल के भाव में उसकी सोयाबीन व्यापारी खरीद सकते है। यह दर उसे कुछ कम लगी लेकिन कुछ दिन भाव बढ़ने का इंतजार किया, लेकिन भाव बढ़ते नहीं दिखे तो आखिर में उसने मण्डी के प्रचलित कम भाव पर ही अपनी सोयाबीन बेचने का निर्णय लिया। तभी गांव के अन्य किसानों से उसे मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के बारे में ज्ञात हुआ तो उसने भी योजना के तहत अपना पंजीयन करा लिया।
रामनिवास ने सोचा भी न था कि यह पंजीयन उसके लिए वरदान सिद्ध हो जायेगा। प्रदेष सरकार की इस योजना के कारण उसे समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल गया। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3050 रूपये प्रति क्विंटल भारत सरकार ने निर्धारित किया था लेकिन फसल लगभग 2325 रूपये प्रति क्विंटल के भाव में ही बिकी। रामनिवास बताते है कि बाजार के कम मूल्य पर फसल बेचने से उसे जो हानि हुई थी उसकी पूर्ति भावांतर भुगतान योजना ने कर दी। इस योजना के तहत उसे कुल 208375 रूपये की अंतर की राषि प्राप्त हो गई है। यह राषि उसके खाते में जमा हो चुकी है। इतनी बड़ी राषि पाकर रामनिवास और उसका परिवार बहुत खुष है तथा मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेष सरकार द्वारा प्रारंभ भावांतर भुगतान योजना की दिनरात सराहना करता है।  
  उल्लेखनीय है कि गत 1 से 30 नवम्बर 2017 तक अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में योजना के तहत पंजीबद्ध 12177 किसानों के खातों में 6 जनवरी को कुल 12.20 करोड़ रूपये जमा कराये गये, जबकि अक्टूबर माह में पंजीबद्ध खण्डवा जिले के लगभग 5000 किसानांे के खाते में प्रदेष सरकार 3 करोड़ रूपये से अधिक की राषि पूर्व मंे जमा कराई जा चुकी है। 

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